व्यक्तिगत बैक पेपर परीक्षा-2010 में सम्मिलित होने हेतु पात्रता (Eligibility)
उपयुर्क्त सुविधा निम्नवत प्रतिबन्धों के साथ अनुमन्य है :
स्नातक/स्नात्कोत्तर के छात्र/छात्राओं हेतु केवल एक प्रश्नपत्र में ही बैक
पेपर परीक्षा देने की अनुमति अनुमन्य है तथा बैक पेपर परीक्षा में प्राप्त होने वाले
अंक ही अनुमन्य होंगे । मुख्य परीक्षा के प्राप्त अंक मान्य नहीं होंगे ।
इसी प्रकार श्रेणी सुधार हेतु बैक पेपर परीक्षा देने वाले छात्र/छात्राओं के वही
अंक मान्य होंगे जो उसे श्रेणी सुधारने हेतु बैक पेपर परीक्षा में प्राप्त होंगे ।
मुख्य परीक्षा के प्राप्त अंक मान्य नहीं होंगे ।
बैक पेपर परीक्षा हेतु आन लाइन आवेदन करने वाले छात्र यदि बैक पेपर परीक्षा में
सम्मिलित नहीं हो पाते हैं तो ऐसे परीक्षार्थियों के पूर्व प्राप्ताँक ही मान्य
होंगे ।
अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये बैक पेपर परीक्षा की सुविधा निम्नांकित प्रतिबन्धों के
साथ अनुमन्य है :
स्नातक स्तर के परीक्षार्थियों के न्यूनतम अंक लिखित परीक्षा में 33 प्रतिशत तथा
परास्नातक में न्यूनतम 36 प्रतिशत अंक होना चाहिये । परास्नातक में निर्धारित
प्रतिशत में 10 अंको की छूट केवल बैक पेपर परीक्षा के लिये होगी । परास्नातक के
ऐसे छात्र अगली उच्च कक्षा में प्रवेश अथवा परीक्षा के लिये अर्ह नहीं होगे ।
स्नातक प्रथम बर्ष के वे छात्र जो नियमानुसार दो विषय में पास होंगे और एक विषय
में अनुत्तीर्ण होंगे परन्तु लिखित योगांक 33 प्रतिशत होंगे तभी वे केवल एक प्रश्न
पत्र में बैक पेपर परीक्षा हेतु अर्ह होंगे ।
स्नातक स्तर पर बैक पेपर परीक्षा हेतु अर्ह छात्र/छात्राऐं अगली उच्च कक्षा में
अस्थायी रूप से प्रवेश ले सकेंगे । उन्हें अस्थायी रूप से अगली उच्च कक्षा में
प्रवेश इस प्रतिबन्ध के साथ प्राप्त होगा कि यदि वे बैक पेपर परीक्षा मे अनुत्तीर्ण
हो जाते है तो उनका उच्च कक्षा में अस्थायी प्रवेश स्वत: निरस्त माना जायेगा ।
स्नातक तृतीय बर्ष में बैक पेपर के परीक्षार्थी अगली उच्च कक्षा परास्नातक
पूर्वार्द्ध में प्रवेश/परीक्षा के अधिकारी नहीं होंगे ।
मुख्य परीक्षा के उपरान्त बैक पेपर में सम्मिलित होने की सुविधा हेतु केवल एक ही
अवसर अनुमन्य होगा ।
उक्त प्रावधानों के अर्न्तगत यह सुविधा केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को प्राप्त
होगी जो मुख्य परीक्षा के सम्पूर्ण विषयों/प्रश्नपत्रों की परीक्षा में सम्मिलित
होकर उत्तीर्ण अथवा अनुत्तीर्ण हुए हैं तथा अपना परीक्षाफल सुधारना चाहते हैं ।
उक्त प्रावधानों के अन्तर्गत छात्र/छात्रा छूटी मौखिकी परीक्षा देने के अधिकारी
नहीं होंगे ।
किसी भी कक्षा के वे छात्र जो लिखित मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित होंगे और उनकी
परीक्षा का प्राप्तांक स्नातक स्तर पर 33 प्रतिशत तथा परास्नातक में 36 प्रतिशत है
तो उन्हें भी एक प्रश्नपत्र में बैक पेपर परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति होगी
।
परास्नातक उत्तरार्द्ध मे लिखित परीक्षा के योगांक में 10 अंक की छूट बैक पेपर
हेतु अनुमन्य होगी परन्तु जो छात्र एक प्रश्नपत्र में अनुपस्थित होगा तथा मौखिकी
परीक्षा मे भी अनुपस्थित होने पर उक्त सुविधा अनुमन्य नहीं होगी ।
उक्त प्रावधानों के अनुसार स्नातक स्तर पर जो परीक्षार्थी मात्र एक विषय में
अनुत्तीर्ण है परन्तु उसका कुल प्राप्ताँक 33 प्रतिशत है तो वह अनुत्तीर्ण विषय के
एक प्रश्नपत्र में बैक पेपर परीक्षा का अधिकारी है । इसी प्रकार परास्नातक परीक्षा
में 36 प्रतिशत प्राप्ताँक अथवा उसमें 10 अंको के कम होने पर ही बैक पेपर सुविधा
अनुमन्य होगी परन्तु वे अगली उच्च कक्षा में प्रवेश/परीक्षा के अधिकारी नहीं होगें।